
हाल ही में उत्तराखंड राज्य में पंचायत चुनाव 2025 के दौरान 358 सीटों पर काटें की टक्कर देखने को मिल रही है। इन चुनाव में सबसे जरूरी पदों में से एक जिला पंचायत अध्यक्ष का है, जिस पर चर्चा जोरों पर है। जहां एक ओर आम जनता को उत्सुक इस पद के लिए सैलरी और सुविधाएं क्या हैं वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां भी लोगों के लिए जिझासा का विषय बना हैं। इसलिए आइए, जानते हैं इस पद के बारे में विस्तार पूर्वक।
जिला पंचायत अध्यक्ष को कितनी सैलरी मिलती है?
उत्तराखंड के जिला पंचायत अध्यक्ष का पद सत्ता और जिम्मेदारी दोनों से भरा हुआ है। इस पद पर आने के बाद मिलने वाली सैलरी की बात करें तो जिला पंचायत अध्यक्ष को ₹15,000 प्रतिमाह मानदेय मिलता है। यह मानदेय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है और हर महीने इसे अध्यक्ष के खाते में डाला जाता है। इसके अलावा, जिला पंचायत अध्यक्ष को कुछ और सुविधाएं भी मिलती हैं, जैसे सरकारी वाहन, वाहन भत्ता, और सुरक्षा के लिए गनर।
जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्य और जिम्मेदारियां
जिला पंचायत अध्यक्ष का पद महज एक औपचारिक पद नहीं होता, बल्कि यह विकास और प्रशासन के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में कार्य करता है। इस पद पर बैठने वाले व्यक्ति के पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं, जिनमें मुख्यत: राज्य और केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करना शामिल है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, जल-निकासी, कृषि योजनाएं और कई अन्य विकासात्मक योजनाओं का संचालन जिला पंचायत अध्यक्ष के मार्गदर्शन में होता है। इन योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने की जिम्मेदारी इसी पद पर होती है। जिला पंचायत अध्यक्ष न केवल विकास कार्यों का निरीक्षण करता है, बल्कि वह इन योजनाओं के लिए बजट आवंटन, प्रस्ताव पास करने और प्रशासन के साथ तालमेल स्थापित करने का कार्य भी करता है।
इसके अलावा, जिला पंचायत अध्यक्ष के पास बजट आवंटन और योजनाओं को लागू करने का अधिकार होता है। वह जिला पंचायत सदस्यों के साथ मिलकर जिले के विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करता है और उसे मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजता है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ जुड़ी सुविधाएं
पद की महत्ता को देखते हुए, जिला पंचायत अध्यक्ष को कई सुविधाएं दी जाती हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें अपने कार्यों को प्रभावी रूप से पूरा करने में मदद करना है।
- सरकारी वाहन और वाहन भत्ता – अध्यक्ष को राज्य सरकार द्वारा एक सरकारी वाहन दिया जाता है, जिसे वह अपने दैनंदिन कार्यों में उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, वाहन भत्ते का भी लाभ मिलता है।
- सुरक्षा व्यवस्था – सुरक्षा के लिहाज से जिला पंचायत अध्यक्ष को गनर भी उपलब्ध कराया जाता है, ताकि उनके कार्यों को बिना किसी खतरों के अंजाम दिया जा सके।
- आधिकारिक यात्रा – अध्यक्ष को सरकारी कार्यों के लिए यात्रा करने की आवश्यकता पड़ती है, जिसके लिए उन्हें यात्रा भत्ते और आवासीय सुविधाएं भी प्राप्त होती हैं।
- सामाजिक और राजनीतिक पद – जिला पंचायत अध्यक्ष का पद एक उच्च सामाजिक और राजनीतिक स्थिति प्रदान करता है, जिससे उन्हें जिले में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों और निर्णयों में प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर मिलता है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष का महत्व
जिला पंचायत अध्यक्ष का पद न केवल राजनैतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी एक प्रमुख भूमिका निभाता है। यह पद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के बीच एक कड़ी का काम करता है, जो विकास योजनाओं के सफल कार्यान्वयन में सहायक होता है।
पद की भूमिका के साथ जुड़ी जिम्मेदारियां और अधिकार जिला पंचायत अध्यक्ष को जिला के विभिन्न विकास कार्यों में संलिप्त करने का अवसर देते हैं। इसके अलावा, उन्हें यह अधिकार भी होता है कि वे विभिन्न विभागों और परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव पास करें, जिससे विकास कार्यों को तेज़ी से लागू किया जा सके।